29 अप्रैल 2023 - 17:24
सूडान को बचाने के लिए दोनों बाग़ी जनरलों ने दिए अलग अलग बयान।

अब्दुल फ़त्ताह ने RSF पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह आम लोगों को इंसानी सिपर और मानवीय ढ़ाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं रिहायशी इलाक़ों के अलावा कहीं भी रैपिड स्पोर्ट फोर्सेस नहीं हैं।

सूडान में उम्र बशीर सरकार का तख्ता पलट करने में कंधे से कंधा मिलकर काम करने वाले जनरल अब्दुल फ़त्ताह अल बुरहान और मोहम्मद हमदान दागलो ने देश को इस संकट से बचाने को लेकर अलग अलग बयान दिए हैं। 

जहाँ सेना प्रमुख जनरल अब्दुल फ़त्ताह अल बुरहान ने अमेरिकी न्यूज़ चैनल से बात करते हुए साफ़ कहा कि वह बग़ावत करने वाले रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के कमांडर मोहम्मद हमदान दागलो के साथ बातचीत की मेज़ पर नहीं बैठ सकते। 

अब्दुल फ़त्ताह अल बुरहान ने कहा कि मोहम्मद हमदान दागलो बाग़ियों के लीडर हैं वह बग़ावत की क़ियादत कर रहे हैं और जब तक बग़ावत खत्म नहीं हो जाती उनके साथ कोई बात नहीं हो सकती। देश में RSF की कोई जगह नहीं है उन्हें सेना में शामिल किया जा सकता है। और इस सिलसिले में बातचीत बेहद ज़रूरी है। बातचीत के साथ ही यह मुद्दा हल हो सकता है कि किस तरह RSF के लड़ाकों को सेना में शामिल किया जा सकता है। 

अब्दुल फ़त्ताह ने RSF पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह आम लोगों को इंसानी सिपर और मानवीय ढ़ाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं रिहायशी इलाक़ों के अलावा कहीं भी रैपिड स्पोर्ट फोर्सेस नहीं हैं। 

उन्होंने कहा कि हमारी फ़ौज ने जंग को बहुत जल्द निर्णायक मोड़ पर ला दिया है लेकिन हमे अपने देश की जनता, मुल्क के बुनियादी ढांचे की फ़िक्र है हम अपनी जनता के सामने जवाबदेह हैं। दारफूर के कुछ इलाक़ों को छोड़ कर देश के सभी हिस्से सेना के कंट्रोल में हैं। दारफूर के इन मक़बूज़ा इलाक़ों को भी सेना जल्द ही आज़ाद करा लेगी। अल बुरहान ने कहा कि सेना और उसके नेतृत्व को पहली सरकारों से जोड़ना और उनका एजेंट बताना गलत है यह देश को गुमराह करने की कोशिश है और देश के लोग इस धोखे में नहीं आएँगे। 

दूसरी ओर RSF के कमांडर मोहम्मद हमदान हमीदती ने कहा कि जब तक जंग पूरी तरह से नहीं रुक जाती जब तक कोई बातचीत नहीं होगी। 

मोहम्मद हमदान ने कहा कि हम सूडान को बर्बाद करने के हामी नहीं हैं। न ही अल बुरहान के साथ हमारा कोई जाती इख़्तेलाफ़ है। देश में जारी जंग और हिंसा की ज़िम्मेदारी सामने वाले पक्ष की है। वह देश के सिस्टम में फिर से पुरानी सरकार के वफादार लोगों को जगह रहे हैं। 

देश की हिअर फौजी सरकार को उखाड़ने में अल बुरहान के साथ बराबर के साझीदार RSF के कमांडर ने दावा करते हुए कहा कि मैं ग़ैर फौजी सरकार के गठन के लिए भरपूर कोशिश करूँगा और कम से कम वक़्त में यह काम कर गुज़रूंगा। हम देश पर 30 साल तक हुकूमत करने वाली सरकार के मुक़ाबले में देश की मदद करना चाह रहे हैं।